जेएंडके में अब भी 4 लाख लोग फंसे, 47 हजार को बचाया गया, आज दौरे पर आर्मी चीफ
(JAMMUandKASHMIR, India) उनकी कोशिशों से सैंतालीस हजार से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है, हालांकि अब भी 4 लाख लोगों के फंसे होने की खबर है, सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग बुधवार को बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के लिए बुधवार को घाटी का दौरा करेंगे, गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में बचाव कार्य में सेना ने बड़ी भूमिका निभाई है,
सैलाब से तबाह कश्मीर में सेना और NDRF ने झोंकी ताकत
सेना और एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियां राहत और बचाव में लगी है, वायुसेना के 61 हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्टों राहत कार्य में उतारा गया है, घाटी में आई तबाही में अबतक करीब 200 लोगों के मारे जाने की खबर है, हेलीकॉप्टर के जरिए लोगों तक खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है, इस बीच खबर है कि श्रीनगर में राहत में देरी से खफा लोगों ने एनडीआरएफ की टीम पर पत्थर फेंके है, जन्नत को तबाह करने के एक सप्ताह बाद कई इलाकों से बाढ़ का पानी उतरने लगा है, लेकिन अब भी तबाही का मंजर बना हुआ है, सड़क और संचार सेवाओं को दुरुस्त करने में सेना के साथ तमाम एजेंसियां लगी हुई है,
जन्नत में तबाही, बर्बादी, कोहराम, मातम और चीख-पुकार
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 109 सालों में घाटी में आया है यह सबसे भीषण सैलाब है, हालांकि उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि प्रधानमंत्री के दौरे के बाद राज्य सरकार बचाव कार्य में तेजी के साथ जुटी, उनका कहना था कि सरकार हर पीड़ित तक पहुंचेगी, श्रीनगर एयरपोर्ट पर फंसे लोगों ने स्थानीय प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए एनडीआरएफ के लोगों पर अपना गुस्सा निकाला, लोगों का कहना था कि उन्हें पानी और भोजन नहीं मिल रहा, दिल्ली से बीजेपी अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने जम्मू कश्मीर के लिए राहत सामग्री को रवाना किया, इस मौके पर उपाध्याय ने कहा कि अगर जरुरत पड़ी तो और राहत सामग्री भेजी जाएगी, इसके साथ देश के अन्य राज्यों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है

Digital Desk: Shiv Kishor

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