कोर्ट ने अमित शाह के खिलाफ दाखिल चार्जशीट लौटाई
(Auraiya, Auraiya) कोर्ट ने तकनीकी खामी पाई है, खामी दूर करने के बाद फिर पेश करने को कहा है, अमित शाह पर लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान चार अप्रैल को भड़काउ भाषण देने का आरोप है, अमित शाह पर आईपीसी की धारा 153A, 295 A और 505 के तहत चार्जशीट दायर की गई थी, अमित शाह ने प्रचार के दौरान कहा था कि ये चुनाव सम्मान के बदले का चुनाव है, भड़काऊ भाषण का आरोप लगाते हुए अमित शाह पर केस दर्ज किया गया था, अमित शाह पर इस केस में तीन धाराएं लगाई गई हैं, धारा 153A , 295A, और 505. धारा के तहत अमित शाह पर दो गुटों में धर्म, जाति और जन्मस्थान के आधार पर दरार पैदा करने का आरोप लगाया गया है, ऐसे आरोप में जमानत तो मिल सकती है लेकिन अगर दोष साबित हुआ तो अधिकतम तीन साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकता है, धारा 295 A तब लगाया जाता है जब किसी माध्यम से जानबूझकर किसी खास धर्म के लोगों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जाए, आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान मुजफ्फरनगर के शामली में जाटों बाहुल्य एक गांव में अमित शाह ने सम्मान-अपमान की बात की थी, अमित शाह ने कहा था कि पश्चिमी यूपी में ये सम्मान का चुनाव है, अपमान के बदले का चुनाव है, और जिन्होंने अन्याय किया है उनको सबक सिखाने का चुनाव है, ग़ौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को अमित शाह के नेतृत्व में भारी बड़ी जीत मिली थी, बीजेपी और उसके गठबंधन को राज्य की 80 में से 72 सीटों पर जीत मिली थी, अनेक विश्लेषकों की राय में बीजेपी की बड़ी जीत के पीछे अमित शाह की रणनीति थी और उनमें उनके भड़ाऊ भाषण ने भी योगदान दिया

Digital Desk: Shiv Kishor

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