विज्ञप्ति के अनुसार बचाव अभियान के लिए और नौकाओं की सख्त जरूरत को ध्यान में रखकर सेना ने श्रीनगर और उसके आसपास के क्षेत्रों में 90 और नौकाएं तैनात की हैं तथा सेना की कुल 224 नौकाएं तथा एनडीआरएफ की 148 हवा वाली नौकाएं बचाव अभियान में सक्रिय हैं। सशस्त्र बल के कर्मी बड़े पैमाने पर पानी की बोतलें एवं खाद्य पैकेट बांट रहे हैं तथा अबतक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 2,24,000 लीटर पानी, 31,500 खाद्य पैकेट तथा 375 टन से अधिक पके पकाए भोजन हवाई मार्ग से गिराए जा चुके हैं और वितरित किए जा चुके हैं। राहत भरी बात यह है कि कश्मीर घाटी में बाढ़ का पानी घट रहा है जिससे बचाव टीमों को फंसे हुए लोगों को निकालने में मदद मिल रही है। अभी भी जलमग्न इलाके में बेसब्री से मदद का इंतजार कर रहे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई। सैन्य टीम और एनडीआरएफ रात भर बचाव अभियान को जारी रखे हुए हैं। श्रीनगर से भी हजारों लोगों को निकाला गया है। एक अनुमान के मुताबिक बाढ़ प्रभावित जम्मू कश्मीर में अभी भी लाखों लोग सहायता के इंतजार में हैं। अधिकारियों ने बताया कि फंसे हुए लोगों तक खाद्य और राहत सामग्री पहुंचाई गई। अब तक कुल 807 टन राहत सामग्री भेजी गई है। लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने कहा कि पश्चिम श्रीनगर के सभी इलाकों में स्थिति पहले से बेहतर है। श्रीनगर में जलस्तर अपने उच्च स्तर से छह फुट कम हुआ है लेकिन शहर में ही कुछ इलाकों में अभी भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। दक्षिण कश्मीर में अवंतीपुरा तक पानी घटा है। इसलिए इलाके में सड़क की स्थिति ठीक हुई है। नजर अभी भी श्रीनगर शहर में राहत अभियान पर है और यह जारी रहेगा। वहीं, कश्मीर में बाढ़ का पानी घटने के बीच केंद्र सरकार ने लोगों को राहत मुहैया कराने के प्रयास तेज कर दिए हैं और उनके लिए पीने का पानी, दूध, तैयार भोजन और पानी साफ करने के लिए क्लोरीन की गोलियां भेजी जा रही हैं। एक आपात बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री को सूचित किया गया कि बाढ़ प्रभावित राज्य को प्रति सप्ताह 100 से 150 किलो लीटर दूध की जरूरत है। इस उद्देश्य के लिए 10 टन दूध पाउडर तैयार रखा गया है, जिसमें से पांच टन रवाना किया गया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद बीमारी फैलने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में क्लोरीन की गोलियां भी भेजी जा रही हैं। इसके साथ ही 10 और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ भेजने का निर्णय किया गया है। रेलवे राज्य के लिए एक लाख लीटर पेयजल की खेप भेज रहा है। उधर, केंद्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने बाढ़ प्रभावित जम्मू कश्मीर में राहत एवं बचाव प्रयासों की समीक्षा की। गृह सचिव ने राज्य सरकार के अधिकारियों, राहत एवं बचाव अभियानों में शामिल सेना, वायु सेना और एनडीआरएफ के प्रतिनिधियों के साथ हवाई अड्डे पर की गई एक बैठक में हालात का जायजा लिया। गोस्वामी ने यह भी निर्देश दिया कि कैसे कम से कम समय में बाढ़ प्रभावित अधिकतम लोगों के पास पहुंचा जा सकता है और उन लोगों को बचाया जा सकता है जो अब भी विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं और जरूरतमंदों को भोजन, पानी और अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान की जा सकती हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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