(DELHI, India)
मोदी ने यहां चीन के पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ‘भारत और चीन के रिश्तों को साधारण गणित से नहीं समझा जा सकता क्योंकि उनके बीच एक अनूठा गुणधर्म है। दोनों मिल कर पूरी मानवजाति के लिए उज्जवल भविष्य बना सकते हैं।’ प्रधानमंत्री कार्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के द्विपीक्षीय संबंधों को आगे बढ़ने की संभावनाओं पर कहा, ‘हर एक इंच आगे बढ़ने पर हम मानवता के इतिहास का पुनर्लेखन कर सकते हैं और हमारा हर एक मील बढ़ना धरती को बेहतर जगह बनाने में बड़ा योगदान साबित होगा।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और चीन इतने सारे मील आगे बढ़ेंगे, जिससे केवल हमारे दो राष्ट्र ही आगे नहीं बढ़ें बल्कि पूरे एशिया और मानवजाति प्रगति तथा सौहाद्र की दिशा में अग्रसर हो। दुनिया की दो सबसे बड़ी आबादी वाले दोनों देशों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जब भारत और चीन को कुछ लाभ होगा तो उसका मतलब विश्व की लगभग 35 प्रतिशत आबादी का लाभान्वित होना होगा। इसी तरह जब भारत और चीन के संबंध मजबूत होंगे तो दुनिया की 35 फीसदी आबादी करीब आएगी। और जब भारत और चीन के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ेगा तो दुनिया की 35 प्रतिशत आबादी के जीवन में गुणात्मक परिवर्तन आएगा। मोदी ने कहा, हमारे रिश्ते साधारण गणित से बयां नहीं किए जा सकते हैं। उनका एक अनूठा गुणधर्म है जो निर्णायक मोड़ ला सकता है। दोनों देशों के रिश्तों के बारे में उन्होंने कहा, हमारे संबंधों के गणित और गुणधर्म से मैं आश्वस्त हूं कि साथ मिलकर हम इतिहास लिख सकते हैं और सारी मानवजाति के लिए बेहतर भविष्य बना सकते हैं।
Digital Desk: Shiv Kishor
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