भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि अगर तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जगह सरदार वल्लभभाई पटेल ने कश्मीर मामला निबटाया होता तो पाकिस्तान के पास न कश्मीर का हिस्सा होता और न ही अनुच्छेद 370 का वजूद होता। शाह ने कहा, ‘आज कश्मीर का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के तहत है। मुझे आपको यह बताने में कोई हिचक नहीं है कि अगर कश्मीर मुद्दा भी जवाहरलाल नेहरू की जगह सरदार पटेल को दिया गया होता तो कश्मीर का हिस्सा पाकिस्तान को नहीं गया होता, अनुच्छेद 370 भी नहीं होता और वह भारत के किसी अन्य हिस्से की तरह होता।’उन्होंने कहा, ‘सरदार पटेल, उनके दृढ़ निश्चय और लोगों को समझने-समझाने की उनकी क्षमता के चलते हम सभी एक साथ हैं, हमें हमेशा यह याद रखना चाहिए।’ शाह ने यह बात बीदर जिले के एक गांव गोर्ता में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा और हुतात्मा स्मारक के शिलान्यास करने के बाद की। यह स्मारक 1948 में हैदराबाद के निजाम की निजी सेना के हाथों मारे गए तकरीबन 200 ग्रामवासियों और निजामशाही से हैदराबाद-कर्नाटक की मुक्ति की याद में बनाया जा रहा है। शाह ने कहा, ‘आज अगर पुरानी निजाम रियासत एकीकृत भारत का हिस्सा है तो इसका श्रेय सरदार पटेल को जाता है।’ भाजपा की योजना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 सितंबर 2015 को हुतात्मा स्मारक और सरदार पटेल की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।
Digital Desk: Kamal
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