उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आरपी सिंह ने बातचीत के दौरान कहा कि लगता है भाजपा नेता हेमा मालिनी को भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का ज्ञान नहीं है। काशी और मथुरा में बंगाल एवं बिहार सहित देश के अन्य राज्यों की भी विधवाएं वहां के आश्रमों में रहकर ईश्वर की साधना एवं भक्ति में लीन रहकर साध्वी के वेश में अपने शेष जीवन को प्रभु उपासना में व्यतीत करती हैं। उन्होंने कहा कि मथुरा एवं काशी के आश्रमों में प्राचीन धार्मिक परंपराओं के अनुसार रहकर अपने जीवन को सार्थक बनाने वाली इन विधवा महिलाओं के लिए वहां की ही सांसद द्वारा साध्वी उपासकों पर अपशब्दों का प्रयोग एवं उन पर कीचड़ उछालना एक जनप्रतिनिधि के लिए शोभा नहीं देता। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वास्तविकता तो यह है कि हेमा खुद दूसरे प्रदेश की मूल निवासी हैं। वह स्वयं महिला हैं इसलिए महिलाओं के विरुद्ध, विशेषकर साध्वी महिलाओं के प्रति विद्वेषपूर्ण भाषा का प्रयोग करना, भारतीय लोकतंत्र का न सिर्फ अपमान है बल्कि यह स्वयं उनका एवं भाजपा की महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच का प्रतीक है। आरपी सिंह ने कहा कि उपचुनाव में पराजय का मुंह देखने के बाद भाजपा नेताओं का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। यही कारण है कि सामाजिक मर्यादाएं एवं परंपराओं की अनदेखी करते हुए महिला सांसद ने इस तरह का शर्मनाक बयान दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए हेमा सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
Digital Desk: Shiv Kishor
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