पवार ने यह तो नहीं बताया कि कौन से महत्वपूर्ण मुद्दे गठबंधन में दरार के लिए जिम्मेदार रहे, लेकिन राकांपा ने राज्य में कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत के दौरान आखिरी समय में मांग की थी कि मुख्यमंत्री का पद बारी-बारी से दोनों दलों को दिया जाए। राकांपा ने मांग की थी कि अगर गठबंधन सत्ता में आता है तो ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री का पद उसे मिलना चाहिए। कुछ साल पहले कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर में अपने तत्कालीन सहयोगी पीडीपी के साथ इस फॉर्मूले को अपनाया था। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के समर्थक लंबे समय से संकेत दे रहे थे कि राकांपा नेता अजीत पवार गठबंधन को चलने नहीं देना चाहते क्योंकि वह शीर्ष पद की आकांक्षा रखते हैं।
Digital Desk: Shiv Kishor
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