केंद्र में शिवसेना से रिश्तों के बारे में फैसला PM के लौटने पर: भाजपा
(DELHI, India) पार्टी के प्रवक्ता पी. मुरलीधर राव ने यहां कहा, ‘महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को लेकर प्रदेश में शिव सेना के साथ गठबंधन नहीं रहने के बाद की तार्किक परिणति क्या होगी, केंद्र में और केंद्र सरकार में उनकी भागीदारी का क्या होगा..क्योंकि प्रधानमंत्री अभी देश में नहीं है, बाहर गए हुए हैं, इसलिए इस बारे में मेरे लिए कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।’ उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस को महाराष्ट्र की सत्ता से हटाने के लिए जिस गठबंधन की जरूरत थी उसके साथ न्याय नहीं हो सका। सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, ‘लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद देश में नई परिस्थिति बनी है और जनता केंद्र के अलावा राज्यों से भी कांग्रेस को हटाना चाहती है और महाराष्ट्र में ऐसा करने के लिए जैसे गठबंधन की जरूरत थी हम उसके अनुरूप न्याय नहीं कर पाए और सहयोगी दल (शिवसेना) को इसका आभास कराने में सफल नहीं हो पाए।’ उन्होंने कहा, भाजपा और शिव सेना के बीच 25 साल तक बहुत अच्छे से गठबंधन चला और प्रदेश नेतृत्व और राष्ट्रीय नेतृत्व ने इसे बनाए रखने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ प्रयास किए। इसीलिए दोनों के बीच बातचीत को इतने लंबे समय तक चलाया गया। इतने दिनों के मित्र दल से अलग होना कोई सुखद अनुभव नहीं था। शिवसेना के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत गीते ने गुरुवार को गठबंधन टूटने के समय दावा किया था कि केंद्र में यह गठबंधन बना रहेगा। गीते ने कहा था, ‘हमने एक गठबंधन के रूप में (चुनाव) लड़ा था। यह राजग का गठबंधन है। अत: हमें इसे लेकर कोई शिकायत नहीं है, हम राजग का हिस्सा हैं। जी हां, यह (गठबंधन) केंद्र में बना रहेगा।’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह केन्द्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देने की सोच रहे हैं, उनका जवाब था, ‘इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। मैं राजग का हिस्सा हूं।’

Digital Desk: Shiv Kishor

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