(DELHI, India)
विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने इराक और सीरिया में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ आतंकवाद से संबंधित संघर्ष में अमेरिकी नीत गठबंधन के तहत हवाई हमलों में हिस्सेदारी करने के बारे में भारत के रूख को रेखांकित किया, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ शिखर स्तरीय वार्ता में पश्चिम एशिया में उभरती चुनौतियों के बारे में साझा चिंता व्यक्त की। शिखर स्तरीय वार्ता के संबंध में कल विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अमेरिका) विक्रम दुरईस्वामी ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘किसी गठबंधन’ में शामिल नहीं होगा लेकिन दोनों पक्ष ऐसे सहयोग पर सहमत हुए हैं जिसके तहत आतंकवाद फैलाने वाले उन तत्वों से निपटा जाएगा जो दुनियाभर में घूम घूम कर लोगों को कट्टरपंथी बनाकर उन्हें पश्चिम एशिया में आतंकवादी गतिविधियों में भाग लेने के मकसद से भेजते हैं। उस क्षेत्र में भारत के कुछ युवकों के भी जाने की खबरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बहुत बड़ा मुद्दा है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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