2. गुरू गोबिंद सिंह ने अपने जीवन में अन्याय के खिलाफ कई लड़ाईयां लड़ीं और सबको अन्याय के खिलाफ लड़ने और कमजोर की रक्षा करने का संदेश दिया।
3. जीवन के अंतिम दिनों में गुरू गोबिंद सिंह ने गद्दी गुरू ग्रंथ साहिब को सौंपी और सभी सिखों को आदेश दिया कि अब से ग्रंथ साहिब ही उनके गुरू होंगे और अब कोई भी देहधारी गुरू नहीं होगा।
4. उन्होंने मुगलों के साथ किए युद्धों में न केवल अपने चारों बच्चों बल्कि सरबंस कुर्बान किया और देश-धर्म के लिए त्याग करने की सीख दी।
5. उन्होंने युद्ध भूमि में दुश्मनों से डट कर मुकाबला करने अपनी जीत निश्चय करने की सीख दी।
Author: JAN TV Editorial Team
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