सीजफायर उल्‍लंघन और गोलीबारी पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली बोले- पाकिस्‍तान को महंगी कीमत चुकानी होगी
(DELHI, India) रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से बिना किसी उकसावे के किए जा रहे हमलों का सामना करने में हमारे सशस्त्र बल सराहनीय कार्य कर रहे हैं। पाकिस्‍तान ने अब तक कई बार सीजफायर का उल्‍लंघन किया है। जेटली ने कहा कि अगर पाकिस्तान लगातार यह दुस्साहस करता रहा तो हमारे बल इस दुस्साहस की वह कीमत वसूलेंगे जो उसे बहुत महंगी पड़ेगी। पाकिस्तान अगर सीमा पर शांति चाहता है तो उसे बेवजह की जा रही यह गोलीबारी और गोलाबारी बंद करनी चाहिए। जेटली ने कहा कि सेना ने पाकिस्‍तान की हरकत का उचित जवाब दिया है। पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्‍ट्रीय सीमा और एलओसी पर पाक ने काफी गोलीबारी की है। इसमें कई लोगों की जान गई है और संपति का नुकसान हुआ है। हमारी सेना और अर्धसैनिक बल अपनी भूमि और जनता की रक्षा के लिए जो भी कदम उठा सकते हैं, वो उठा जा रहे हैं। हमारे जवान देश की रक्षा के लिए कड़ा जवाब दे रहे हैं। इस दिशा में बीएसएफ ने सराहनीय काम किया है। पाकिस्‍तान को यदि शांति चाहिए तो गोलीबारी रोकनी पड़ेगी। पाकिस्‍तान ये समझ ले कि इस तरह के आक्रमण का जवाब प्रभावी होगा। पाकिस्‍तान को ये समझ लेना चाहिए कि इस प्रकार के आक्रमण के जो जवाब हमारी सेना से मिलेगा वह काफी प्रभावी होगा। यदि पाकिस्‍तान अपनी हरकतों को जारी रखेगा तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। पाकिस्‍तान की ओर से हमले किए जाते रहे तो उसे काफी भारी पड़ेगा और महंगी कीमत चुकानी पड़ेगी। पाकिस्तान साफ तौर पर संघर्ष विराम के उल्लंघनों में हमलावर है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत एक जिम्‍मेवाद देश है और किसी पर आक्रमण नहीं करता है। भारत की जिम्‍मेदारी अपनी जमीन और अपने लोगों की रक्षा करना है। अपनी भूमि की रक्षा करना हमारी जिम्‍मेदारी है। लगातार फायरिंग की स्थिति में हमें आत्‍मरक्षा करनी पड़ती है। पाकिस्‍तान की मंशा फायरिंग की आड़ में घुसपैठ कराना है। गौर हो कि भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारी गोलीबारी हुई है जहां पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में 60 अग्रिम चौकियों तथा 90 गांवों को निशाना बनाया जिसमें सीमा सुरक्षा बल के तीन जवानों समेत आठ लोग घायल हो गए। पाकिस्तानी रेंजरों ने बुधवार रात के दौरान लगभग पूरी 192 किलोमीटर लंबी सीमा पर गोलीबारी की। पाकिस्तान द्वारा वर्ष 2003 के संघषर्विराम समझौते के अब तक के सर्वाधिक भीषण उल्लंघन के कारण करीब 30 हजार लोग विस्थापित हुए हैं और एक अक्तूबर से अभी तक आठ लोग मारे गए हैं तथा नौ सुरक्षाकर्मियों समेत 80 अन्य घायल हुए हैं।

Digital Desk: Shiv Kishor

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