(Khaga, Fatehpur)
यह रामलीला रामनगर (बनारस) सहित पूरे उत्तर भारत में प्रसिद्ध है, जो आश्विन शुल्क पक्ष की तृतीया से शुरू होकर कार्तिक पक्ष की षष्ठी तक चलती है, यहां एक माह तक कुशल कारीगरों द्वारा कास्ट एवं तिनरई से विशालकाय रावण व रामदल के स्वरूपों का निर्माण किया जाता है, साथ ही पंचवटी, चित्रकूट, सबरी आश्रम, किष्किंधा पर्वत, अशोक वाटिका, सेतुबंध रामेश्वर और लंका का स्वरूप भी तैयार किया जाता है, मेले की शुरुआत गणेश पूजन के साथ होती है, इस दिन मंदिर के पुजारी व्रत रखते हैं, रावण वध के बाद सरयू स्नान के साथ रावण की 13वीं में यहां ब्रह्मभोज भी कराया जाता है, इन रस्मों को देखने यहां दूर-दराज से लोग आते हैं, मेले में छोटी-बड़ी लगभग दो दर्जन झांकियां सजाई जाती हैं. राम-रावण युद्ध के दिन लाखों की तादाद में लोग जुटते हैं, इसमें प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी शामिल होते हैं, इस रामलीला की चर्चा फतेहपुर जिले में ही नहीं, बल्कि संपूर्ण उत्तर भारत में होती रही है, मेला कमेटी के अध्यक्ष दयाराम उत्तम ने बताया कि पूर्व में कई बार दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी यहां आ चुकी हैं, खजुहा कस्बे का ऐतिहासिक परिचय सुनकर लोग चकित रह जाते है, हालांकि शासन-प्रशासन की उपेक्षा के चलते इस कस्बे की साख दिन-प्रतिदिन खत्म हो रही है, बिंदकी तहसील से लगभग सात किलोमीटर दूर मुगल रोड आगरा मार्ग पर स्थित खजुहा कस्बे में दो विशालकाय फाटक व सराय आज भी इसकी बुलंदियां बयां करती हैं, मुगल रोड के उत्तर में तीन राम जानकी मंदिर तथा तीन विशालकाय शिवालय हैं, उत्तम ने बताया कि दक्षिण में छिन्न मस्तिष्का मां पंथेश्वरी देवी का प्राचीन व बंशी वाला मठ, भूरा बाबा की समाधि स्थल है, बड़ी बाजार में तीन राधाकृष्ण मंदिर है, इस प्राचीन सांस्कृतिक नगरी में 118 छोटे-बड़े शिवालय तथा इतने ही कुएं हैं, चार विशालकाय तालाब इस नगर की चारों दिशाओं में शोभायमान है, जो इस नगर के स्वर्णिम युग की याद दिलाते हैं
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।