(ANDHRAPRADESH, India)
हुदहुद के चलते हुई भारी बारिश से संबंधित घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के मंत्रिमंडल के विशाखापत्तनम जाने की उम्मीद है क्योंकि सरकार चक्रवात से सर्वाधिक प्रभावित विशाखापत्तनम, श्रीकाकुलम और विजियानगरम जिलों में जनजीवन को सामान्य बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। राज्य के राजस्व (आपदा प्रबंधन) विभाग के अनुसार क्षेत्र में दीवार और छतों के गिरने तथा पेड़ों के उखड़ने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई है। चक्रवात के चलते क्षेत्र में कल भारी बारिश हुई और 170 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। मरने वालों में तटीय शहर विशाखापत्तनम का एक वर्षीय बच्चा पी नागा मनोज भी शामिल है। विशाखापत्तनम में रेलवे लाइन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है, वहीं हवाईअड्डा भी प्रभावित हुआ है। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सैकड़ों बिजली के खंभे, पेड़ और होर्डिंग्स गिर गए हैं तथा हल्की चीजें एवं कमजोर छतें तेज हवाओं में उड़ गयीं। ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक, हुदहुद का प्रभाव केंद्र अब दक्षिणी छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण पश्चिम ओडिशा के बेहद निकट केंद्रित हो गया है। यह उत्तर-उत्तरपश्चिम की तरफ आगे बढ़ेगा तथा इसके बाद धीरे धीरे कमजोर पड़ता जाएगा। चक्रवात के प्रभाव के कारण अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिणी ओडिशा के कुछ जिलों के अलावा उत्तरी आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, विजयानगरम और श्रीकाकुलम जिलों में ज्यादातर स्थानों पर भारी बारिश (6.5-12.4 सेमी) और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश (12.5-24.4 सेमी) होने की आशंका है। सरकार ने बताया कि जिला अधिकारी, विभाग प्रमुख और प्रत्येक सरकारी कर्मचारी राहत, पुनर्वास तथा जनजीवन को सामान्य बनाने के काम में जुटेगा। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय दूरस्थ संवेदी केंद्र मुख्यालय को निर्देश दिया है कि जीआईएस, जीपीएस तथा दूरस्थ संवेदी प्रौद्योगिकी से नुकसान का आकलन करें और मानचित्र पर नुकसान का आंकड़ा प्रदर्शित किया जाए। इससे सरकार को मानचित्र पर नुकसान संबंधी आंकड़ों का पता लगाने में मदद मिलेगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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