(MAHARASHTRA, India)
अपनी पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में दिए एक साक्षात्कार में ठाकरे ने कहा, ‘यह सच है कि ठाकरे परिवार के लोगों ने कभी चुनाव नहीं लड़े। लेकिन हम कभी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटे। यदि एक चाय वाले के रूप में शुरूआत करने वाले (नरेंद्र) मोदी जैसा आम आदमी प्रधानमंत्री बन सकता है तो मैं भी मुख्यमंत्री बन सकता हूं।’ भाजपा की आलोचना करते हुए ठाकरे ने कहा कि जो केंद्रीय मंत्री अभी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं, वे चुनावों के बाद महाराष्ट्र को भूल जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘केंद्रीय मंत्रियों का पूरा एक दल महाराष्ट्र चुनावों में पार्टी के पक्ष में प्रचार करने के लिए लाया गया। लेकिन वे चुनावों के बाद वापस नहीं आएंगे। सिर्फ शिवसेना ही यहां रहेगी और लोगों के लिए काम करती रहेगी। लोगों को इस बात का अहसास है।’ भाजपा को ‘सत्ता की भूखी’ बताते हुए ठाकरे ने आरोप लगाया कि पार्टी के इरादे इस राज्य को बांटने के हैं। ठाकरे ने कहा, ‘भाजपा ने हमारे साथ गठबंधन तोड़ लिया क्योंकि वे सत्ता के भूखे हैं। वे राज्य पर वैसे ही शासन करना चाहते हैं, जैसे लोकसभा चुनावों में बहुमत मिलने पर वे देश पर शासन कर रहे हैं। वे सोचते हैं कि यदि वे यहां बहुमत के साथ आते हैं तो वे महाराष्ट्र को विभाजित कर सकते हैं। लेकिन शिवसेना ऐसा कभी होने नहीं देगी।
Digital Desk: Shiv Kishor
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