(DELHI, India)
नरेंद्र मोदी ने आज विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में श्रमेव जयते योजना को लॉन्च कर दिया। यह योजना पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से शुरू की गई है। इसमें पोर्टेबल भविष्य निधि खातों के अलावा कंपनियों में श्रम निरीक्षण के लिए एकीकृत पोर्टल की योजना शामिल है। साढ़े छह लाख यूनिट्स को लेबर आइडेंटिफिकेशन नंबर मिला है। वहीं, पीएफ अकाउंट्स होल्डर को यूनिवर्सल अकाउंट्स नंबर भी मिला है। अब पीएफ खातों की जानकारी ऑनलाइन भी मिल सकेगी। श्रमेव जयते योजना का शुभारंभ करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने श्रम को नीचे दर्जे का माना है। अब श्रमिकों की तरफ नजरिया बदलने की जरूरत है। जितनी ताकत सत्यमेव जयते की है, उतनी ही ताकत श्रमेव जयते की है। इसलिए श्रम को प्रतिष्ठित मानना जरूरी है। श्रम की प्रतिष्ठा और श्रमिकों का गौरव सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सामान्य जीवन में श्रम की प्रतिष्ठा लौटानी होगी। श्रमेव जयते योजना इसी जिम्मेदारी का हिस्सा है। आज आईटीआई को लेकर इतनी हीन भावना क्यों है। हम आईटीआई स्टूडेंटस को हीन भावना से देखते हैं। जबकि आईटीआई टेक्निकल शिक्षा का शिशु मंदिर है। हमने युवा पीढ़ी में विश्वास जगाने का काम किया है। हर नागरिक में विश्वास जरूरी है। पीएम ने यहां ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते कार्यक्रम’ का उद्घाटन किया, जिसका आयोजन श्रम मंत्रालय द्वारा किया गया। पीएम मोदी ने कहा कि श्रम समस्याओं को उद्योगपतियों के नजरिए से देखने की बजाय कामगारों के नजरिए से देखा जाना चाहिए। यदि हमें ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को सफल बनाना है तो कारोबार को सुगम बनाना बहुत जरूरी है। श्रम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, जिन पहलों की शुरुआत की गई उनमें एकीकृत श्रमिक पोर्टल या ‘श्रम सुविधा’ और कर्मचारी भविष्य निधि के सदस्यों के लिए सर्वव्यापी खाता संख्या (यूएएन) के जरिये पोर्टेबिलिटी सुविधा शामिल है। इसके अलावा एप्रेंटिस प्रोत्साहन योजना और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए पुनगर्ठित राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना भी शुरू की जाएगी। यूएएन सदस्यों के लिए पूरे करियर के दौरान पोर्टेबल रहेगा और इसका इस्तेमाल देश में कहीं भी किया जा सकेगा। ऐसे में संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को नौकरी बदलने पर अपने पीएफ खाते के स्थानांतरण के लिए आवेदन नहीं करना होगा।
Digital Desk: Shiv Kishor
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