(TAMILNADU, India)
जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने जयललिता को दो महीने की सशर्त जमानत दी है। गौर हो कि इस केस में जयललिता 28 सितंबर से बेंगलुरु की जेल में बंद हैं। गौर हो कि शीर्ष कोर्ट ने बीते दिनों जयललिता की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई थी जो संपत्ति के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के मामले में चार साल की जेल की सजा काट रही हैं। प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने 13 अक्टूबर को कहा था कि जयललिता की जमानत याचिका पर 17 अक्टूबर को सुनवाई की जाएगी। वरिष्ठ अधिवक्ता फली एस नरीमन द्वारा मामले को इसी सप्ताह में ‘समायोजित’ किए जाने की अपील करने पर मामले को 17 अक्टूबर को सुनवाई के लिए निर्धारित किया गया था। दीवाली से पूर्व जेल से बाहर आने के लिए जयललिता के पास 17 अक्टूबर का दिन अंतिम अवसर होगा क्योंकि शुक्रवार के बाद शीर्ष अदालत में एक सप्ताह का अवकाश रहेगा। रिश्वत के मामले में दोषी ठहराए जाने और चार साल की सजा दिए जाने के बाद कर्नाटक उच्च न्यायालय ने जयललिता को जमानत प्रदान करने से इंकार कर दिया था और उसके बाद उन्होंने नौ अक्तूबर को उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। 27 सितंबर के बाद से सलाखों के पीछे रह रही अन्नाद्रमुक प्रमुख ने उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी, जिसने उनकी जमानत याचिका नामंजूर कर दी। जयललिता ने खुद के विभिन्न बीमारियों से जूझने और इस मामले में उन्हें केवल चार साल की जेल की सजा सुनाए जाने को तत्काल राहत दिए जाने का आधार बनाया था। पूर्व मुख्यमंत्री ने जमानत के लिए वरिष्ठ नागरिक तथा महिला होने को भी आधार बनाया था। गौर हो कि हाईकोर्ट ने विशेष सरकारी वकील द्वारा उन्हें सशर्त जमानत दिए जाने का विरोध नहीं किए जाने के बावजूद सात अक्तूबर को 66 वर्षीय नेता को जमानत से इंकार कर दिया था।
Digital Desk: Shiv Kishor
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