108 एंबुलेंस सेवा के टेंडर में 2 करोड़ 56 लाख के गबन की सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश की गई है। सीआईडी-सीबी ने राज्य सरकार को यह सिफारिश की है। आरोपियों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट, पूर्व चिकित्सा मंत्री दुर्रु मियां, पूर्व केंद्रीय मंत्री वायलार रवि के पुत्र रवि कृष्णा, केरल के मुख्यमंत्री के पूर्व आर्थिक सलाहकार शफी मातेर, पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम के पुत्र कीर्ति, एनआरएचएम के तत्कालीन निदेशक और जिगित्सा हैल्थ केयर कंपनी की सीईओ श्वेता मंगल शामिल हैं।पूर्व महापौर पंकज जोशी ने 13 जुलाई,013 को आरोपियों के खिलाफ अशोक नगर थाने में परिवाद दिया। करीब 11 माह की जांच में अनुसंधान अधिकारी सावंत कुमार ने पाया कि वर्ष 2008 में शुरू की गई एंबुलेंस 108 सेवा का टेंडर ईएमआरआई कंपनी को दिया। छह माह बाद इसका टेंडर निरस्त कर 6 अप्रैल 2010 को नियम विरुद्ध जिगित्सा हेल्थ केयर कंपनी को दे दिया। इसमें 2.56 करोड़ रु. का गबन हुआ।आरोप पायलट, रवि कृष्णा, कार्ति, शफी और श्वेता मंगल पर लगे। पुलिस ने गत 10 जून को धारा 420,467,468,471 व 120 बी के तहत मामला दर्ज कर फाइल सीआईडी-सीबी को भेज दी थी। जांच में यह भी सामने आया कि पांच एंबुलेंस से सेवा प्रारंभ की गई, लेकिन बाद में 691 एंबुलेंस हो गई।
Author: JAN TV Editorial Team
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