(DELHI, India)
एक अधिकारी ने बताया, अब तक मिले आवेदनों की संख्या 8.5 लाख है। कुछ बैंकों की शाखाएं सुदूर इलाकों में हैं इसलिए आंकड़े हमारे कार्यालय तक योजना की अंतिम तिथि के बाद देर से पहुंचे। ‘डीडीए आवासीय योजना 2014’ में विभिन्न श्रेणियों के 25 हजार से ज्यादा फ्लैट निकाले गए हैं। इन फ्लैटों की कीमत सात लाख रूपए से 1.2 करोड़ रूपए तक है। इस योजना में आवेदन 15 अक्टूबर को बंद हो गए थे और उस समय तक 7.5 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। अधिकारी ने कहा कि चूंकि सुदूर शाखाओं से और आंकड़े आने पर संख्या में वृद्धि हो सकती है लेकिन अब यह वृद्धि बहुत कम ही होगी। उन्होंने कहा, यह अंतर अब बहुत ज्यादा नहीं होगा और आंकड़ा 8.5 लाख के आसपास ही रहेगा। अंतिम तस्वीर दिवाली सप्ताहांत पर ही उभरकर आएगी, जब हम सभी सफल आवेदकों के नाम अपनी वेबसाइट पर डालेंगे। हालांकि डीडीए के काउंटरों और विभिन्न बैंकों की शाखाओं से कुल 17 लाख आवेदन पत्र बिके थे लेकिन अधिकारियों का मानना है कि कि ‘मंद प्रतिक्रिया’ की वजह योजना में तय की गई लॉक-इन अवधि और बेचने के लिए लगाए गए फ्लैटों की प्रकृति है। उन्होंने कहा, इतने सारे आवेदन पत्र बिकने के बावजूद ज्यादा बेहतर प्रतिक्रिया न मिलने की मुख्य वजह फ्लैटों का मालिकाना हक संबंधी पांच साल की लॉक-इन अवधि हो सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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