'मेरा सार्वजनिक जीवन आग के एक दरिया में तैरने जैसा'
(DELHI, India) गौर हो कि भ्रष्टाचार के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा जमानत दिए जाने और चार साल की सजा पर रोक लगाए जाने के बाद अन्नाद्रमुक सुप्रीमो जे जयललिता शनिवार को बेंगलूर की सेंट्रल जेल से रिहा होकर चेन्नई पहुंचीं जहां भारी बारिश के बावजूद बड़ी तादाद में मौजूद समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया । विशेष अदालत के न्यायाधीश जॉन माइकल डी’ कुन्हा की ओर से रिहाई के आदेश जारी करने और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता द्वारा सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वह बेंगलूर के परप्पना अग्रहार सेंट्रल जेल से बाहर आईं थी।
जयललिता के लिए दो करोड़ रूपये की जमानत राशि और संपत्ति पर एक करोड़ रूपये से ज्यादा का मुचलका भरने के बाद विशेष अदालत ने रिहाई के आदेश जारी किए । उनके वकीलों ने उच्चतम न्यायालय के आदेश की प्रति भी पेश की। जयललिता की करीबी सहयोगी शशिकला और उनके रिश्तेदार सुधाकरन और इलावरसी ने भी इसी तरह की शर्तें पूरी की जिसके बाद उन्हें भी जेल से रिहा कर दिया गया । शशिकला और इलावरसी जयललिता की कार में थे जबकि अन्नाद्रमुक प्रमुख के परित्यक्त पुत्र सुधाकरण दूसरी गाड़ी में थे ।

Digital Desk: Shiv Kishor

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।