(Asind, Bhilwara)
एक तरफ भारतीय जनता पार्टी अपनी हरियाणा और महाराष्ट्र की जीत का जश्न मनाने में जुटी है वही पार्टी को इस मुकाम तक पहुँचाने वालो में से प्रमुख व्यक्तियों में से एक भारतीय जनसंघ के दो वर्ष तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे स्वर्गीय बच्छ राज व्यास की सतर वर्षीय बेटी मीना आचार्य भीलवाड़ा के एक निजी अस्पताल में गुमनामी के बीच जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए अंतिम सांसे ले रही है। आर्थिक तंगी से झुझ रहे इस परिवार की सुध लेने अभी तक कोई नहीं आया। भारतीय जनसंघ में बलराज मधोक के ठीक पहले स्वर्गीय बच्छ राज व्यास को वर्ष 1965 से 1967 तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना था स्वर्गीय व्यास के नाम पर नागपुर शहर में बच्च राज व्यास चैक है और इनकी मूर्ति लगा कर पार्टी ने इनको सम्मान से नवाजा था मगर वक्त गुजरने के साथ ही इनका परिवार मुफलिसी की जिंदगी जीने को मजबूर है। स्वर्गीय व्यास की बेटी मीना का इलाज करवा रहे इनके बेटे संजय भीलवाड़ा में एक निजी फर्म पर पांच हजार रुपये महीने की नौकरी करते है। सबसे बड़ी बात यह है की संजय के मकान मालिक ने साफ कह दिया है की अगर माँ के इलाज के दौरान माँ नहीं रहे तो उनके शव को लेकर मेरे मकान पर मत आना। संजय के सामने अब एक और संकट खड़ा हो गया है संजय का एक भाई चेन्नई में निजी कम्पनी में कार्यरत है और एक की दिमागी हालत ठीक नहीं है। स्वर्गीय व्यास की बेटी का हालचाल पूछने अस्पताल पहुंचे समाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र ओझा कहते है यह तो मानवता के लिए भी अच्छा नहीं है। पार्टी अपने लोगों के लिए विचार करें।
Author: JAN TV Editorial Team
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