(Rajasthan, India)
लक्ष्मी पूजन से एक दिन पहले आती है नरक चतुर्दशी या रूप चौदस इस दिन पाप भगाने के लिए स्नान करने और घर की साफ सफाई कर सजाने का महत्व होता है ...धन और ऐश्वर्य की देवी महालक्ष्मी को घर में बुलाने का आह्वान कर धन संपतदा की कामना की जाती है...पौराणिक मान्यताएं में रुप चौदस पर भले ही पापों से मुक्ति के लिए स्नान का महत्व माना गया है लेकिन बदलते दौर पर रुप चौदस युवक युवतियां सज-संवरकर इस पर्व को मनाते हैं..दीपावली पर महालक्ष्मी संयोगों और खुशियों की बारात लेकर आ रही हैं। एक ओर जहां दीपावली पर 54 साल बाद गुरु और शनि का उच्च राशिगत होने का दुर्लभ योग बन रहा है, वहीं रूप चौदस भी 24 साल बाद सर्वार्थ सिद्ध योग, हस्त नक्षत्र और उच्च राशिगत बुध का शुभ संयोग लेकर आ रही है। ज्योतिषविदों के अनुसार हनुमानजी जन्मोत्सव और रूप चतुर्दशी के इस संयोग में पूजा-अर्चना सुख-समृद्धि दायक होगी। वहीं रूप चौदस पर सूर्योदय से पूर्व तारों की छांव में स्नान से रूप निखरेगा। सर्वार्थ सिद्ध योग, कन्या का चंद्रमा, उच्च का बुध और हस्त नक्षत्र का ऐसा योग इससे पहले 1990 में आया था... जो अब 27 साल बाद 2041 में बनेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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