इसी आइलैंड पर नेपोलियन को कैद रखा था अंग्रेजों ने, जाने से कतराते हैं लोग
(India) ऐसी ही एक जगह साउथ अटलांटिक महासागर में बसा ब्रिटिश प्रवासी क्षेत्र सेंट हेलेना आइलैंड है। यह अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी तट से 1950 किमी की दूरी पर स्थित है। एसेंशन आईलैंड इसके सबके निकट है, जिसका उपयोग अमेरिकी एयरफोर्स करती है। सेंट हेलेना का अपना ऐतिहासिक महत्व भी है। इसकी खोज सबसे पहले पुर्तगालियों द्वारा 1502 में की गई थी। जिस पर 17वीं सदी के दौरान ब्रिटेन ने कब्जा जमा लिया। इस आइलैंड पर अंग्रेजों ने फ्रांस के शासक रहे नेपोलियन बोनापार्ट को भी बंधक बना कर रखा था। अंग्रेजों ने नेपोलियन को 1815 ई. में बंधक बनाया था। लगभग छह साल बाद 1821 ई. में इसी द्वीप पर उनकी मौत हो गई। आज भी वहां बोनापार्ट की फूलों से लदी कब्र स्थल पर लोग घूमने जाते हैं। बता दें कि वर्तमान में सेंट हेलेना 4000 से ज़्यादा लोगों का निवास स्थल है। यह एक ज्वालामुखी द्वीप है, जो कि काफी हद तक बीहड़ इलाके और 500 से 700 मीटर लंबी चट्टानों के बीच बना है। यहां कोई भी एयरपोर्ट नहीं है, ऐसे में यहां सिर्फ जहाजों के द्वारा ही जा सकते हैं। यहां जीवन बहुत ही कठिन है। संसाधनों की कमी के कारण जहां स्थानीय दुकानें 4 बजे के बाद बंद हो जाती हैं। वहीं, मोबाइल के नेटवर्क भी काफी कम रहते हैं जिस कारण इंटरनेट का कनेक्शन भी बमुश्किल मिलता है। पर्यटकों को यहां पहुंचने के लिए जहाज में छह दिन बिताने पड़ते है। इस कारण पर्यटक भी वहां जाने से कतराते हैं। पिछले साल 3200 पर्यटक इस द्वीप पर घूमने के लिए पहुंचे।

Author: JAN TV Editorial Team

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