रूस में खुदाई के दौरान मिला चंगेज खान के वारिसों का पुराना शहर
(India) रूस में वोल्गा नदी के किनारे पुरावेत्ताओं ने 750 साल पुराने एक शहर के अवशेषों को खोज निकाला है। इस शहर को चंगेज खान के वारिसों ने बसाया था। इन अवशेषों में दो ईसाई गिरजाघर भी शामिल हैं जिनमें से एक में पत्थर और मिट्टी पर बेहतरीन शिल्प व नक्काशी को उकेरा गया है। ‘उकेक’ नाम के इस शहर को 1227 में चंगेज खान की मौत के कुछ दशकों बाद ही बसाया गया था। ‘लाइव साइंस’ की रिपोर्ट के अनुसार चंगेज खान की मौत के बाद उसके पोते बातु खान ने गोल्डन होर्ड सल्तनत बनाई थी। यह सल्तनत मंगोल साम्राज्य का ही हिस्सा थी जिसे किपचक खानत भी कहते थे। खानत एक ऐसे राज्य को कहा जाता है जिस पर किसी खान की उपाधि वाले शासक का राज हो। गोल्डन होर्ड पूर्वी यूरोप से मध्य एशिया तक फैला हुआ था और पुरातन रेशम मार्ग (सिल्क रूट) से होने वाले ज्यादातर व्यापार को नियंत्रित करता था। रेशम मार्ग चीन को मध्यकालीन यूरोप से जोड़ता था। उकेक को खान :बातु: के वोल्गा नदी के किनारे बने ग्रीष्मकालीन आवास के पास ही बसाया गया था। इसी वजह से यह इतना समृद्ध भी हुआ। सरातोव क्षेत्रीय संग्रहालय के पुरावेत्ताओं ने पाया कि उकेक में ईसाइयों का भी एक इलाका था जो खान के शासनकाल में ईसाइयों की मौजूदगी पर प्रकाश डालता है। संग्रहालय के पुरावेत्ता दिमित्री कुबांकिन ने कहा कि वहां मिली वस्तुओं में कांच का बना एक चीनी हेयर पिन मिला है जिसके उपर का आकार एक फटे हुए अनार की भांति है । इसके अलावा ड्रैगन की छवियुक्त हड्डी से बनी तश्तरी का एक टुकड़ा भी वहां मिला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सामान दो गिरजाघरों के तलघर में खोज के दौरान मिला। इनमें से एक गिरजाघर लगभग सन् 1280 के दौरान बनाया गया था जो 14 वीं सदी के प्रारंभ में नेस्तनाबूद हो गया।

Author: JAN TV Editorial Team

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