मन की बात' में PM मोदी का बड़ा एलान- काले धन का पाई-पाई वापस लाऊंगा
(DELHI, India) पीएम मोदी ने अपने इस संबोधन में लोगों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि देश के बाहर गया गरीबों का कालाधन वापस जरूर आएगा, पीएम मोदी ने कहा, "जहां तक काले धन का सवाल है, आप मुझ पर भरोसा कीजिये, यह मेरे लिए आर्टिकल ऑफ़ फेथ है, मेरे देशवासियों, भारत के गरीब का पैसा जो बाहर गया वो पाई पाई वापस आएगी." पीएम ने कहा कि विदेशों में कितना कालाधन जमा है, इसके बारे में किसी को पता नहीं है लेकिन हम पाई पाई लाने को प्रतिबद्ध हैं, प्रधानमंत्री ने कहा, "आज तक किसी को पता नहीं है, ना मुझे, ना सरकार को, ना आपको कि कितना धन देश के बाहर है, हर कोई अलग-अलग आकड़े बताते रहते हैं, मैं आंकड़ों में उलझना नहीं चाहता लेकिन यह देश के गरीबों का पैसा है वापस आना चाहिए, आपका आशीर्वाद बना रहे, आपके लिए जो भी करना पड़ेगा, जरूर करता रहूंगा." पीएम ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सफाई अभियान एक आंदोलन का रूप ले लेगा, पीएम ने कहा कि लोग अब अपने स्वार्थ की बात कम, समाज के जिम्मेदारी की बात करने लगे हैं, पीएम मोदी ने कहा, "गंदगी से बीमारी सबसे पहले गरीब के घर में आती है, गरीब बीमार नहीं तो आर्थिक तंगी नहीं, सफाई रखकर हम गरीबों का भला करेंगे." प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा स्वच्छ भारत मिशन को सही तरीके से लागू किए जाने का लाभ गरीब लोगों को मिलेगा, प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' कार्यक्रम की दूसरी कड़ी में जनता को संबोधित करते हुए कहा, "स्वच्छ भारत मिशन पर विशेष ध्यान देने का लाभ गरीबों को मिलेगा, ये अमीर नहीं बल्कि गरीब लोग हैं, जो उनके आसपास फैली गंदगी से प्रभावित होते हैं." मोदी ने दो अक्टूबर को 'स्वच्छ भारत मिशन' की शुरुआत की थी, उन्होंने कहा कि आसपास का माहौल स्वच्छ रहता है, तो यह गरीबों की ही सेवा होगी, मोदी ने कहा, "मैं इसका बड़ा प्रभाव बच्चों पर भी देख रहा हूं, माता-पिता अब कहते हैं कि उनके बच्चे चॉकलेट के रैपर सड़क पर नहीं फेंकते." प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि खादी के उत्पादों की बिक्री करीब 125 फीसदी तक बढ़ी है, मोदी ने 'मन की बात' में कहा, "मुझे बताया गया कि खादी की बिक्री 125 फीसदी तक बढ़ी है." उन्होंने कहा, "मैंने पिछली बार लोगों से खादी के उत्पाद खरीदने का आग्रह किया था, मैंने यह कभी नहीं कहा कि खादीवादी बन जाएं, लेकिन खादी का कुछ सामान खरीदें." मन की बात के दौरान पीएम ने लोगों की चिट्ठी के बारे में भी जिक्र किया जिन्होंने अपने अनुभव उन्हें लिख भेजे थे, कुछ लोगों ने यह भी कहा था कि जिनके पास इंटरनेट नहीं है वे अपनी बात पीएम तक कैसे पहुंचाए, इस पर पीएम ने लोगों से कहा कि वे चिट्ठी द्वारा (मन की बात, आकाशवाणी, संसद मार्ग) बात कर सकते हैं,

Digital Desk: Shiv Kishor

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