मेष: इस राशि पर सुवर्ण पाया से शनि की ढैया प्रारम्भ होगी। व्यवसायिक उलझनें बढ़ेंगी। खर्च अधिक होगा।वृष: शनि का प्रवेश ताम्र पाया से होने के कारण आय के कुछ साधन बनते रहेंगे।
मिथुन: इस राशि पर शनि पाया चांदी से आएगा। बिगड़े कामों में सुधार होगा। आकस्मिक लाभ भी होंगे।
कर्क: लौह पाया से पंचमस्थ शनि के कारण उच्च विद्या प्राप्ति, पदोन्नति, धन लाभ, उत्साह में वृद्धि तथा विवाह आदि सुखों की प्राप्ति होगी।
सिंह: ताम्र पाद से शनि की ढैया प्रारम्भ होगी। धन का अपव्यय, मानसिक तनाव, माता को कष्ट, गृहक्लेश तथा व्यवसाय में उलझनें बढ़ने के संकेत हैं। परेशानियों के साथ आय के साधन बनते रहेंगे।
कन्या: तृतीयस्थ शनि शुभ रहेगा। भूमि, मकान, वाहनादि, सुख सुविधाओं में वृद्धि होगी।
तुला: चांदी के पाया से शनि की साढ़े साती प्रारम्भ होगी। मस्तक और छाती में रोगजन्य पीड़ा की आशंका, स्वजनों से विवाद तथा कलह की संभावना बन सकती है।
वृश्चिक: इस राशि पर लोहे के पाया से शनि की साढ़ेसाती रहेगी। फलस्वरूप शरीर कष्ट, तनाव एवं संघर्ष अधिक रहेगा।
धनु: इस राशि से शनि के बारहवें स्थान पर आने से साढ़ेसाती प्रारम्भ होगी। पारिवारिक एवं व्यवसायिक उलझनें बढ़ेंगी। शनि पाया ताम्र होने से आकस्मिक धनलाभ होते रहेंगे।
मकर: इस राशि पर शनि रजत पाया से लाभ स्थान में आएगा। परिश्रम के बाद धन लाभ एवं उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे।
कुंभ: इस राशि पर दशमस्थ शनि का प्रवेश सुवर्ण पाया से होगा। धन का कुछ दुरूपयोग तथा शासन से भय, धन हानि, व्यापार में चिंता।
मीन: इस राशि पर शनि का प्रवेश लोहे के पाया से नवम भाग्य स्थान में होगा। अत: भाग्योन्नति में विघ्न एवं विलम्ब पैदा होंगे।
Digital Desk: Shiv Kishor
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