(DELHI, India)
राजनाथ ने इंटरपोल की तीसरी मंत्री स्तरीय बैठक में कहा कि दुनियाभर की सरकारों को संगठित आपराधिक एवं आतंकवादी गिरोहों के लिए सुरक्षित ठिकानों के मुद्दे पर साथ मिलकर काम करना होगा। सम्मेलन को हिंदी में संबोधित करते हुए राजनाथ ने साइबर अपराध से निपटने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने तथा देशों की राजनीतिक व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए इंटरनेट तथा सोशल मीडिया का इस्तेमाल बढ़ा है। हमें साइबर-अपराध से निपटने के लिए भी अपनी रणनीति को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आपराधिक गतिविधियों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक गतिविधियों के तरीके तथा क्षेत्र में विस्तार हुआ है। विभिन्न देशों के बीच वैश्वीकरण तथा वित्तीय लेनदेन के कारण अपराधिक गिरोहों को वैश्विक स्तर पर अपना प्रभाव बढ़ाने में सफलता मिली है। उन्होंने नई चुनौतियों से दो-चार होने के लिए पुलिस तथा न्यायिक प्रणाली को निरंतर आधुनिक बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पुराने कानून के स्थान पर प्रभावी कानून लाने होंगे, जिससे भ्रष्टाचार और गलत तरीके से कमाए गए धन को ढूंढा जा सके। इंटरपोल के 100 साल पूरे होने पर उन्होंने इसे बधाई दी और कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए इसके प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि हम इंटरपोल को अधिक शक्तिशाली, प्रभावी तथा परिणामोन्मुखी देखना चाहते हैं।
Digital Desk: Shiv Kishor
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