गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नक्सलियों से हिंसा छोड़ मुख्य धारा में आने की अपील की
(DELHI, India) गृहमंत्री राजनाथ सिंह कहा कि हिंसा का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है निर्दोष लोगों की हत्या से कुछ हासिल नहीं किया जा सकता है। सीआरपीएफ के स्थापना दिवस समारोह में सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में भाकपा माओवादी माओत्से तुंग की जिस विचारधारा पर चल रहे हैं, उसे उस चीन में भी भुला दिया गया है जहां उन्होंने कम्युनिस्ट राज की स्थापना की थी। उन्होंने कहा,‘‘लेकिन भारत में आप (नक्सली) उस विचारधारा का पालन करते हुए अपने निर्दोष देशवासियों को मार रहे हैं । मैं नक्सलियों से हिंसा छोड़ने की अपील करना चाहता हूं। ’ उन्होंने सीआरपीएफ कर्मियों के प्रभावी परेड में सलामी ग्रहण करने के बाद कहा, ‘हमारे लोकतांत्रिक मूल्य काफी मजबूत हैं। मैं उनसे बंदूक के जरिए नहीं बल्कि लोकतंत्र के माध्यम से सत्ता बदलने का आह्वान करना चाहता हूं। ’सिंह ने कहा कि सीआरपीएफ के 38 फीसदी कर्मी वाम चरमपंथ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं और देश का यह सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल कई अहम क्षेत्रों में लगा है तथा उसके करीब 80 फीसदी कर्मी उच्च जोखिम वाले इलाकों में काम कर रहे हैं।

Digital Desk: Shiv Kishor

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