सीबीआई कोर्ट को जवाब कहा, न इजाजत मिली न जरूरत पड़ी
विशेष सीबीआई जज भरत पाराशर ने पूछा, श्श्क्या आपको नहीं लगता कि इस मामले में तत्कालीन कोयला मंत्री से पूछताछ जरूरी थी? क्या आपको इसकी जरूरत महसूस नहीं हुई? क्या आपको नहीं लगता कि उनका बयान तस्वीर साफ करने के लिए अहम साबित होता? इसके जवाब में सीबीआई के जांच अधिकारी ने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से पूछताछ की गई और पाया गया कि तत्कालीन कोयला मंत्री से पूछताछ की जरूरत नहीं है। हालांकि, अधिकारी ने यह भी साफ किया कि उन्हें मनमोहन सिंह से पूछताछ की इजाजत नहीं मिली थी।
सीबीआई ने तलब की केस डायरी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिए कि वह उसके समक्ष केस डायरी पेश करे। इस पर सरकारी पक्ष के वकील वीके शर्मा ने कहा कि एजेंसी को दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में पेश करने की मंजूरी दी जाए। इसके बाद मामला 27 नवंबर को होने वाली सुनवाई तक के लिए टाल दिया गया। 10 नवंबर को सीबीआई ने अदालत में बताया था कि कुछ निजी कंपनियों और नौकरशाहों के खिलाफ मामला चलाने के लिए प्रथमदृष्टया पर्याप्त सबूत है।
Digital Desk: Shiv Kishor
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।