पेशावर में मारे गए बच्चों को संसद के दोनों सदनों में दी गई श्रद्धांजलि
(DELHI, India) लोकसभा औऱ राज्यसभा के सदस्यों ने सदन शुरू होते ही मौन रखकर श्रद्धांजलि मारे गए बच्चों को श्रद्धांजलि दी, पेशावर हमले के खिलाफ भारत की संसद में एक प्रस्ताव पास किया गया, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में कहा कि पेशवार हमले पर दुख की घड़ी में भारत, पाकिस्तान के साथ खड़ा है, लोकसभा में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि, ''भारत आतंक के खिलाफ लड़ाई में दुनिया का हर तरीके से साथ देने को तैयार है, पेशावर हमले के बाद पाकिस्तान में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक है, दिल्ली में भी पाकिस्तानी उच्चायोग में लगा पाकिस्तान का झंडा झुका दिया गया है.'' संसद ने पाकिस्तान के पेशावर के एक सैन्य स्कूल में आतंकवादियों द्वारा कल 132 से अधिक बच्चों सहित 147 लोगों का नरसंहार किए जाने को ‘बर्बर, वहशी और कायराना’ बता कर आज निंदा की, लोकसभा ने सभी तरह के आतंकवाद से दृढ़ता से मुकाबला करने का संकल्प व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया, लोकसभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में पाकिस्तान की जनता और शोक संतप्त परिवारों एवं घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई और इस जघन्य अपराध करने वालों को ऐसी कड़ी से कड़ी सजा देने की बात कही गई जो औरों के लिए सबक बने, संसद के दोनों सदनों में कुछ पलों का मौन रखकर आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की गई, आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा की अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि पाकिस्तान के पेशावर में एक सैन्य स्कूल में हुए जघन्य आतंकवादी हमले में कई स्कूली बच्चों और अन्य व्यक्तियों की दुखद मृत्यु हुई है, प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘ यह सभा संकल्प करती है कि इस प्रकार के आतंकवादी हमले मानवता के प्रति अपराध हैं, शिक्षित भविष्य का निर्माण कर रहे स्कूलों पर इस तरह का हमला मानवता पर हमला है, अब समय आ गया है कि समस्त विश्व को सभी प्रकार के आतंकवाद के विरूद्ध एकजुट हो जाना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की भविष्य में कहीं भी पुनरावृति न हो और सम्पूर्ण विश्व से आतंकवाद का खत्मा हो सके.’’ अध्यक्ष ने कहा कि यह सभा पाकिस्तान की संसद, वहां की सरकार, पाकिस्तान की आम जनता, शोक संतप्त परिवारों और घायलों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती है, और संकल्प व्यक्त करती है कि निर्दोष व्यक्तियों, विशेष रूप से अबोध बच्चों पर होने वाले आतंकवादी हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और ऐसे जघन्य अपराध करने वालों को ऐसी कड़ी से कड़ी सजा दी जाए जो औरों के लिए सबक बन सके.’’

Digital Desk: Shiv Kishor

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