(DELHI, India)
विपक्ष इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग पर अड़ा है। जबरन धर्मातरण सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजकर करीब 20 मिनट पर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह सदन की बैठक शुरू होते ही जदयू, सपा सहित विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया है। आसन की अनुमति से जदयू के शरद यादव ने कहा कि सरकार ने अपने एक भी वादे को पूरा नहीं किया है। यादव ने कहा कि सत्तारूढ दल ने सत्ता में आने से पहले पांच करोड़ युवाओं को रोजगार देने, काला धन वापस लाने और खेती करने वालों को उनकी लागत का डेढ गुना देने का वादा किया था। लेकिन सरकार ने इन वादों को पूरा करने के बदले एक नया अभियान ही शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने घर वापसी का अभियान शुरू कर दिया है जिसका चुनाव के पहले कोई उल्लेख नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि गुजरात, केरल और उत्तर प्रदेश मे इस तरह घर वापसी के कार्यक्रम हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका साथ, सबका विकास का वादा किया था। सरकार को अपना वादा पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जबरन धर्मातरण के बारे में भाजपा के सांसद और नेता बयान दे रहे हैं। ऐसे में चुप कैसे रहा जा सकता है। सपा के राम गोपाल यादव ने कहा कि इस सरकार ने काला धन वापस लाने, पांच करोड़ युवाओं को रोजगार देने सहित कई वादे किए थे। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली के जंतर मंतर पर मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में विभिन्न विपक्षी दल सरकार द्वारा काला धन वापस नहीं लिए जाने सहित विभिन्न वादों को पूरा नहीं करने के विरोध में धरना दे रहे हैं।
वहीं, वामदलों ने सदन में पीएम के बयान की मांग की। वामदलों ने कहा कि पीएम राज्यसभा में बयाद दें वरना सदन नहीं चलने देंगे।
Digital Desk: Shiv Kishor
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