काला धन और धर्म परिवर्तन को लेकर सड़क से संसद तक मोदी सरकार का विरोध
(DELHI, India) लोकसभा में आज समाजवादी पार्टी, जेडीयू, आरजेडी, तृणमूल सदस्यों ने सरकार पर विदेशों में जमा कालाधन को वापस लाने के चुनावी वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब देने की मांग की और उनसे कोई जवाब नहीं मिलने पर समाजवादी पार्टी, जेडीयू, आरजेडी सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया, तृणमूल सदस्यों ने हालांकि बाद में कार्यवाही में हिस्सा लिया, सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर समाजवादी पार्टी, जेडीयू, आरजेडी, तृणमूल सदस्य विदेशों में जमा कालाधन को वापस लाने के चुनावी वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए और ‘प्रधानमंत्री वादा पूरा करो’ का नारा लगाने लगे, कांग्रेस सदस्य अपने स्थान से ही इस विषय को उठाते देखे गए, अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदस्यों से अपने अपने स्थान पर जाने का अनुरोध किया और कहा कि वह मुलायम सिंह यादव को शून्यकाल में अपनी बात रखने का मौका देंगी, लेकिन सदस्यों का शोर शराबा जारी रहा, हंगामें के दौरान ही अध्यक्ष ने कार्यवाही जारी रखी और सदस्यों के प्रश्नों को लिया, कुछ देर बाद अध्यक्ष ने मुलायम सिंह यादव को अपनी बात रखने को कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुलायम ने कहा, ‘‘ प्रधानमंत्री ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि किसानों का रिण माफ किया जायेगा, चीन और पाकिस्तान के कब्जे वाली जमीन वापस ली जायेगी, और वादे भी किये गए थे लेकिन एक भी वादा पूरा नहीं किया, उन्होंने कहा कि बेरोजगारों को नौकरी देने का भी वादा किया गया था, कोई एक काम करके तो दिखाएं, प्रधानमंत्रीजी मौजूद है, कोई संतोषजनक जवाब तो दे दें, संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि मुलायम सिंह जी अनुभवी नेता है, खुद भी मुख्यमंत्री रहे हैं, वादा किया है तो निभायेंगे भी, सरकार अच्छा काम कर रही है, सराहना हो रही है, संसदीय कार्य मंत्री की टिप्पणी के बाद एसपी, जेडीयू, आरजेडी सदस्य एक बार फिर अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए और नारेबाजी करने लगे, कुछ देर वाद मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सपा, राजद और जदयू सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया, इसके बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चली, प्रश्नों को लिया गया और मंत्रियों ने सदस्यों के सवालों का जवाब भी दिया,
राज्यसभा की कार्यवाही
धर्म परिवर्तन को लेकर राज्यसभा में आज भी चर्चा शुरु नहीं हो पाई, पीएम के बयान को लेकर सस्पेंस बरकरार है, पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे को लेकर विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में जवाब मांग रहा है, वहीँ सरकार का कहना है कि इस मुद्दे पर सरकार की तरफ से जवाब कौन देगा, इसका फैसला सरकार करेगी, ना की विपक्ष, लोकसभा में जब प्रधानमंत्री मौजूद थे उस वक्त समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने काले धन और चुनाव के दौरान किए वादों का जिक्र करके पीएंम को घेरा, बाद में पार्टी के सांसदों ने पीएम से जवाब की मांग करते हुए लोकसभा से वाकआउट कर दिया, राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा ने आज फिर धर्म परिवर्तन पर पीएम से जवाब की मांग की, कई दिनों से पीएम से जवाब की मांग को लेकर ही हंगामा हो रहा है, हालांकि आज समाजवादी पार्टी के सांसदों के हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही एक बार फिर लिए स्थगित कर दी गई थी, राज्यसभा में आज इंश्योरेंस बिल और कोल बिल पेश किया जाना लिस्टेड है, लेकिन विपक्ष के हंगामे को देखते हुए सरकार इसे सदन में पेश कर पायेगी, यह थोड़ा मुश्किल लगता है, लोकसभा में लोकपाल और लोकायुक्त (संसोधन) बिल आज पेश किया जा सकता है,,पिछले कुछ दिनों से धर्म जागरण मंच के राजेश्वर सिंह जैसे हिंदू धर्म के कई स्वंयभू ठेकेदार अलीगढ़ से लेकर आगरा तक धर्मांतरण के काम में सक्रिय हैं सरकार धर्मांतरण के इस मसले पर संसद में चर्चा के लिए तो तैयार है लेकिन वह विपक्ष की इस मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है कि इस मुद्दे पर केवल पीएम मोदी ही जवाब देंगें

Digital Desk: Shiv Kishor

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