धर्मांतरण होना चाहिए प्रतिबंधित, घर वापसी नहीं : तोगड़िया
(DELHI, India) तोगड़िया ने विहिप के न्यासियों और प्रबंधन समिति के केंद्रीय बोर्ड की बैठक के परिणाम के बारे में कहा, ‘हम धर्मांतरण के खिलाफ हैं। यदि कोई जीवन का एक दूसरा तरीका स्वीकार कर रहा है तो वह धर्मांतरण नहीं है..उच्चतम न्यायालय ने भी उल्लेख किया है कि हिंदुत्व जीने का एक तरीका है, इसलिए हम जीवन के इस तरीके को अपनाने वालों को गले लगाने को तैयार हैं।’ उन्होंने कहा, ‘घर वापसी कार्यक्रम संविधान या कानून के खिलाफ नहीं है,,,हम विकास में विश्वास करते हैं और घर वापसी से विकास प्रभावित नहीं होता,,,यह विकास के लिए बेहतर होगा। ’तोगड़िया ने बैठक में पारित एक प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा, ‘हमारे न्यासी बोर्ड का विचार है कि धर्मांतरण व्यक्ति को राष्ट्रीय धारा से अलग कर देता है,,,घर वापसी व्यक्ति को राष्ट्रीय धारा से जोड़ती है। इसलिए भारत सरकार को धर्मांतरण रोकने के लिए एक मजबूत कानून बनाना चाहिए ताकि भारत के राष्ट्रभक्त समुदाय द्वारा तेज विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके।’ उन्होंने यह दावा भी किया कि घर वापसी पुरानी चीज है और कई महान हस्तियों ने इसकी वकालत की है या उसका सहारा लिया है,,,विहिप के तेजतर्रार नेता ने यह दावा भी किया कि गैर भाजपा सरकारों की ओर से गठित तीन आयोगों ने कहा है कि धार्मिंक धर्मांतरणों से घृणा फैलती है और यहां तक कि महात्मा गांधी ने भी ईसाई बनाये जाने के प्रतिकूल राय जताई था। यह पूछे जाने पर कि क्या विहिप प्रधानमंत्री के अनुरोध पर घर वापसी रोक देगा, तोगड़िया ने कहा कि यह सवाल काल्पनिक है।

Digital Desk: Shiv Kishor

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