(DELHI, India)
अमित शाह ने मुंबई के स्पेशल सीबीआई कोर्ट के सामने डिसचार्ज पेटिशन रखी थी जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया, इस तरह अमित शाह को क्लीनचिट मिल गई है, अमित शाह के खिलाफ अब कोई क्रिमिनल केस नहीं है, इस केस को साल 2012 में गुजरात से मुंबई ट्रांसफर किया गया था, सितंबर, 2013 में सीबीआई ने इस केस में अमित शाह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था, सीबीआई ने अमित शाह के अलावा 18 अन्य लोगों को भी इस केस में नामजद किया था, अमित शाह पर आपराधिक साजिश, सबूतों को मिटाने और आर्मस एक्ट तहत केस दर्ज किए गए, सीबीआई के मुताबिक, सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसर बी को गुजरात के एंटी टेरेरिज़्म स्वॉयड ने हैदराबाद से उठाया था और नवंबर 2005 में फर्जी एनकाउंटर में दोनों की हत्या कर दी गई, तुलसी प्रजापति इसी केस का गवाह था, दिसंबर 2006 में उसका एनकाउंटर भी फर्जी पाया गया था, सीबीआई ने आरोप लगाया था कि अमित शाह उस वक़्त गुजरात के गृह मंत्री थे और पुलिस ने जो रिपोर्ट उन्हें दी है उसके मुताबिक इन दोनों हत्याओं में अमित शाह शामिल थे, हालांकि, तब गुजरात पुलिस ने दावा किया था कि सोहराबुद्दीन का संबंध आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से था और उसने गुजरात के बड़े नेताओं को मारने की साजिश रची थी, अमित शाह साल 2010 तक गुजरात में मोदी कैबिनेट में मंत्री थे, जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, आपको बता दें कि इस केस में अमित शाह को 25 जुलाई 2010 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था, तीन महीने तक साबरमती जेल में रहने के बाद अमित शाह जमानत पर रिहा हुए
Digital Desk: Shiv Kishor
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