(DELHI, India)
उन्होंने कहा कि नरेगा का इस्तेमाल पिछले कुछ सालों से सिंचाई परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे में नरेगा को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की समग्र योजना से एकीकृत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नतीजों की गहरी निगरानी होनी चाहिए। मोदी ने यहां प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के संदर्भ में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह सुझाव दिया। इस बैठक में कृषि, जल संसाधन, ग्रामीण विकास मंत्रालयों के मंत्री और अधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक को हर खेत को पानी उपलब्ध कराने संबंधी महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की समीक्षा के लिए बुलाया गया था। जन संसाधन मंत्री से प्रधानमंत्री ने कहा कि नदियों को जोड़ने की उन परियोजनाओं की वे शिनाख्त करवाएं जिन पर तुरंत काम शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश भर में जल स्रोतों की पहचान करके उनका व्यापक पैमाने पर नक्शा तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांवों को सिंचाई के लिए सबसे उपयुक्त जल स्रोतों का इस्तेमाल करने में मदद करने के लिए उपग्रहों की छवियों और 3डी फोटोग्राफी की मदद ली जा सकती है।
Digital Desk: Shiv Kishor
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।