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श्रीलंका ने रिसर्च एनालिसिस विंग (रॉ) के कोलंबो स्टेशन चीफ को दिसंबर 2014 यानी राष्ट्रपति चुनाव से ऐन पहले निष्कासित कर दिया था. रॉयटर पॉलिटिकल और इंटेलीजेंस सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है. रॉ के स्टेशन चीफ पर विपक्षी दलों के साथ मिलकर महिंदा राजपक्षे की हार में भूमिका निभाने का आरोप के बाद श्रीलंका ने यह फैसला किया था.वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस खबर को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा है कि खुफिया एजेंसियों में तबादले कोई नई बात नहीं है. श्रीलंका में 8 जनवरी को राष्ट्रपति चुनाव हुए थे, जिसमें मैत्रीपाला सिरिसेना ने राजपक्षे को हरा दिया था.रॉ के स्टेशन चीफ को निष्कासित किए जाने के बारे में राजपक्षे की ओर से सफाई दी गई है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. दूसरी ओर नई सरकार का कहना है कि उन्हें इस प्रकार की रिपोर्ट की जानकारी मिली है, लेकिन वह अभी खबर कन्फर्म नहीं कर सकते हैं.कोलंबो और नई दिल्ली के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट आई है कि रॉ के स्टेशन चीफ को वापस बुलाने के लिए राजपक्षे ने भारत सरकार से कहा था. उनकी जानकारी के अनुसार रॉ के चीफ ने उन्हें हराने के लिए विपक्षी दलों के साथ साठगांठ की थी. 28 दिसंबर 2014 को श्रीलंका के अखबार 'संडे टाइम्स' ने खबर दी थी कि विरोधी दलों के साथ संबंधों के चलते रॉ के स्टेशन को नौकरी से हाथ धोना पड़ा था.
Author: JAN TV Editorial Team
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