स्वाइन फ्लू से राज्य में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक सबसे ज्यादा 37 मौतें यहां हुई है। दूसरा नंबर गुजरात का है। चिंताजनक यह है कि तेलंगाना में स्वाइन फ्लू मरीजों की संख्या देश में सबसे ज्यादा है, लेकिन वहां मौतें सिर्फ 21 हुई है। यह आंकड़ा ये बताने के लिए काफी है कि स्वाइन फ्लू से लोगों को बचाने के लिए सरकारी इंतजाम कितने नाकाफी हैं। बाजारों में वैक्सीन नहीं है।अस्पतालों में जांच किट से लेकर आइसोलेशन वार्ड भी अभी तैयार नहीं है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के विशेषज्ञों के मुताबिक स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों के परिजनों को भी हाई रिस्क श्रेणी में रखा जाए और उन्हें वैक्सीन दी जानी चाहिए, मगर ऐसा हो नहीं रहा है। खास बात यह है कि 2009 से यह बीमारी हर साल दो बार आ रही है। चिंताजनक यह भी है कि वर्ष 2014 में स्वाइन फ्लू से 34 लोग मरे थे जबकि पिछले एक माह में ही स्वाइन फ्लू से 37 लोगों की जान जा चुकी है।स्वाइन फ्लू से शुक्रवार को खैरथल की पुष्पा , नागौर के रघुराम वर्ष और टोंक की रिजवाना की एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। इसके अलावा अजमेर के 60 साल के कैलाश माहेश्वरी की निजी अस्पताल में मौत हो गई। वहीं शुक्रवार को 11 जनों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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