बिहार के उत्तर-पूर्वी हिस्से में प्रलयंकारी चक्रवात ने मंगलवार की रात व्यापक तबाही मचाई। 100 से 125 किमी की रफ्तार से चली हवा ने हजारों आशियाने उजाड़ दिए। 65 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। संख्या बढ़ने के आसार हैं। ढाई हजार से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं। चक्रवात के साथ ओले भी पड़े। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया और पूरी स्थिति से गृह मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया। सिंह गुरुवार को राज्य के दौरे पर भी आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नीतीश से बात की और हर संभव सहायता का भरोसा दिया।नेपाल सीमा पर सीतामढ़ी के निकट मंगलवार शाम साढ़े सात बजे उठे तूफान ने दक्षिण-पूर्वी दिशा में बढ़ते हुए अगले तीन घंटे में कई जिलों को चपेट में ले लिया। पूर्णिया में सबसे ज्यादा इसका प्रभाव रहा। प्रभावित जिलों में बिजली आपूर्ति ठप है। 1454 बिजली के खंभे टूट गये और 162 ट्रांसफार्मर खराब हो गए। सड़क व रेल यातायात पर बुरा असर पड़ा है। मक्के, गेहूं, मूंगफली आम, लीची और केले की फसल नष्ट हो गई। अरबों की क्षति का अनुमान है। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया। राशि बुधवार को ही बांट दी गई।
Author: JAN TV Editorial Team
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