दिल्ली सरकार की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुद्वारा शीशगंज साहिब में अतिक्रमण के नाम पर पेश किये गये तथ्यों को दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने झूठा बताया है। कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने बुधवार को गुरुद्वारा रकाबगंज में आयोजित एक वार्ता में बताया की दिल्ली कमेटी ने नॉर्थ ऐवेन्यू थाने में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, लोक निर्माण विभाग के मंत्री सत्येन्द्र जैन तथा शाहजहानाबाद रीडिवेल्पमेंट कॉरपोरेशन की निदेशिका अल्का लांबा के खिलाफ सिखों की धार्मिक भावनाऐं आहत करने और दंगा भड़काने का प्रयास करने के लिए मुकद्दमा दर्ज करवाया है। जीके ने बताया कि एक तरफ तो भाई मतिदास स्मारक को दिल्ली सरकार का पर्यटन विभाग चांदनी चैंक की 8 नम्बर हैरीटेज प्रोपर्टी मानता है। इस बारे में विभाग स्मारक पर अपने मंत्रालय के प्रतीक चिन्ह के साथ बोर्ड भी लगाता है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग स्मारक को अतिक्रमण बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट से स्मारक तोड़ने का आदेश 28 मार्च 2016 को लेता है। इस आदेश पर कार्यवाही करने के लिए शाहजहानाबाद रीडिवेल्पमेंट कॉरपोरेशन की निदेशिका के तौर पर अल्का लांबा विभिन्न स्थानीय निकायों के अधिकारियों की बैठक लेती है। उसमें वह साफ तौर पर कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए दूसरे दिन 6 अप्रैल को सुबह 6 बजे धार्मिक ढांचे हनुमान मंदिर तथा भाई मतिदास स्मारक को तोड़ने का फरमान देती है।
Digital Desk: Kamal
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