राष्ट्रपति ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के संसदीय सचिव विधेयक को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। इसमें संसदीय सचिव के पद को लाभ के पद के दायर से बाहर रखने का प्रावधान था। राष्ट्रपति की ओर से विधेयक को मंजूरी नहीं मिलने से आम आदमी पार्टी के 21 विधायकों की सदस्यता रद्द हो सकती है। अब इस मामले का फैसला चुनाव आयोग को करना है। उसकी रिर्पोट राष्ट्रपति को भेजी जाएगी।
Digital Desk: Kamal
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