यूपी चुनाव के पहले सीएम नीतीश कुमार ने एक बार फिर जाति आधारित जनगणना का राग छेड़ दिया है.. सीएम ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह भी जाति आधारित जनगणना चाहते थे जो कभी संभव नहीं हो सका.. आज भी इस बात पर चर्चा तो होती है लेकिन इस दिशा में कार्य कुछ नहीं होता.. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जब तक यह तय नहीं होगा कि लोगों के जीवन की मूल स्थिति क्या है तब तक जनगणना का कोई मतलब नहीं है...
Digital Desk: Kamal
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