(India)
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बयान ‘महात्मा गांधी को आरएसएस ने मारा’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने कहा कि वह अपने इस बयान पर माफी मांगे या मानहानि के मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार रहें। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आप एक पूरे संगठन पर आरोप नहीं लगा सकते हैं। राहुल गांधी के वकील ने उनके बयान के पक्ष में कहा कि ये ऐतिहासिक तथ्य हैं और ये सरकारी दस्तावेजों का हिस्सा हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर राहुल गांधी अपना बचाव करना चाहते हैं और अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि वह केस का सामना करें। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन की पीठ ने इस केस की सुनवाई दो सप्ताह तक टालने और 27 जुलाई को सुनवाई करने की राहुल गांधी की मांग खारिज कर दी। राहुल गांधी ने कहा कि उनके वकील कपिल सिब्बल के पास इससे पहले समय नहीं है इसलिए वह सुनवाई दो सप्ताह के लिए टालना चाहते हैं। गौरतलब है कि मार्च 2014 में ठाणे में एक रैली के दौरान आरएसएस के खिलाफ दिए गए बयान पर दायर आपराधिक याचिका को खारिज कराने के लिए राहुल गांधी ने मई 2015 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली थी। रैली में उन्होंने कहा था कि आरएसएस के लोगों ने गांधीजी की हत्या की और आज उनके लोग (भाजपा) उनकी बात करते हैं...उनलोगों ने सरदार पटेल और गांधीजी का विरोध किया था।
Digital Desk: Kamal
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