इस बार का मानसून सत्र 18 जुलाई को शुरू हुआ और 12 अगस्त तक चला. इस सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा की 20 बैठकें हुई. लोकसभा में कुल 121 घंटे कामकाज हुआ. हंगामे के कारण 6 घंटे 30 मिनट का समय बर्बाद हुआ, लेकिन सदस्यों ने 18 घंटे ज्यादा समय बैठकर कामकाज निपटाया.दूसरी ओर, राज्यसभा में 112 घंटे कामकाज हुआ. जबकि हंगामे के कारण 20 घंटे का समय बर्बाद हुआ. लेकिन इस बर्बाद हुए समय की भरपाई सदस्यों ने बाद में कुछ और समय बैठकर की.
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इस सत्र को सफल बताते हुए पूरा ब्योरा दिया और बताया कि इस सत्र में 14 सरकारी विधायक पेश हुए और 13 विधेयक पारित हुए. संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने भी इस बार के मानसून सत्र को काफी अच्छा बताया और कहा कि विपक्ष के सहयोग से ही सरकार बहुत से विधायक कार्यों को पास करवा पाई. खास बात यह रही कि इस सत्र में कश्मीर और दलितों पर अत्याचार जैसे मुद्दों पर भी दोनों सदनों में चर्चा हुई.
Digital Desk: Manish Patwa
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।