हर कर प्रस्ताव के लिए संसद की मंजूरी-येचुरी
(India)
माकपा ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिये 2,000 रुपए तक के लेन-देन पर सेवा कर हटाये जाने की अधिसूचना पर गुरुवार (8 दिसंबर) को आपत्ति जतायी और कहा कि संसद की मंजूरी के बिना कोई भी कर प्रस्ताव लागू नहीं किया जा सकता। माकपा नेता सीताराम येचुरी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘किसी भी कर प्रस्ताव को तब तक लागू नहीं किया जा सकता है जब तक संसद से उसकी मंजूरी नहीं ली गई हो। यह संसदीय नियमों और प्रक्रियाओं का स्पष्ट तौर पर उल्लंघन है३. कोई भी कर प्रस्ताव संसद के अलावा और कहीं तैयार नहीं किया जा सकता।’ उन्होंने कहा कि भारत की संचित निधि से निकासी या उसमें जमा से जुड़े सभी मामलों में संसद की मंजूरी जरूरी है। येचुरी ने कहा, ‘इस मामले में प्रधानमंत्री की मंजूरी भर से ही सेवा कर हटाये जाने से संचित निधि कोष में कम राशि प्राप्त होगी, यह नहीं किया जा सकता।’ माकपा के ही लोकसभा सदस्य मोहम्मद सलीम ने कहा कि संसद ने सेवाकर को बजट प्रस्ताव के रूप में पारित किया गया है। इसीलिए अगर इसमें कोई बदलाव किया जाता है, वह संसद में होना चाहिए।

Digital Desk: Kamal

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।