शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज (रविवार को) कहा कि केंद्र के नोटबंदी का मूल उद्देश्य ‘‘पूरा नहीं हुआ’’ क्योंकि लोग बैंक की कतारों में मर रहे हैं और आतंकवादियों का हमला अब भी जारी है। उन्होंने मुंबई में एक समारोह में कहा, ‘‘जवानों ने दुश्मन की गोलियों का सामना किया और देश की सेवा की लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें अपना धन नहीं मिल पा रहा है और यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब वे खुद की गोलियों से मर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नोटबंदी की घोषणा करते हुए उन्होंने (भाजपा) कहा था कि इससे आतंकवादी हमले के अवसर खत्म हो जाएंगे लेकिन क्या यह हुआ? हमारे जवान पहले की तरह शहीद हो रहे हैं।’’ आम आदमी को होने वाली कठिनाइयों को लेकर केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए शिवसेना प्रमुख ने इस निर्णय के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नोटबंदी को लागू न किए जाने पर पीएम मोदी के बयान पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि साल 1978 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने नोटबंदी का फैसला लिया था लेकिन उसके बावजूद तब इकॉनमी बेहतर क्यों नहीं हुई थी?
Digital Desk: Kamal
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