जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके में विरासत की जंग जारी है, जयललिता की भतीजी दीपा जया कुमार ने दो टूक कहा है कि उन्हें पार्टी महासचिव के ओहदे पर शशिकला मंजूर नहीं हैं, उनके मुताबिक वो इस पद पर सिर्फ जयललिता या एआईएडीएमके के संस्थापक एम जी रामचंद्रन को ही देख सकती हैं। दीपा जया कुमार ने नई पार्टी बनाने की संभावना को खारिज नहीं किया, उन्होंने कहा कि मेरे पास दो विकल्प हैं. या तो मैं एआईएडीएमके में शामिल हो जाऊं या फिर नई पार्टी बनाऊं। मैं कोई फैसला लेने से पहले समर्थकों की राय लूंगी। उन्होंने राज्य को जयललिता की ख्वाहिशों के मुताबिक चलाने का वादा भी किया। वो अपने अगले सियासी कदम का ऐलान जयललिता की जयंती 24 फरवरी के दिन कर सकती हैं।
Digital Desk: Kamal
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।