कांग्रेस के दो बड़े नेता कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शीद कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं. चुनाव में तो ये दुश्मन हैं, लेकिन अदालत में दोस्त बन गए हैं. पिछली सुनवाई में उन्होंने बीते लोकसभा चुनाव में सीबीआई कोर्ट से मिले पेरोल को आधार बनाया। उन्होंने कहा कि मुख्तार पेरोल के हकदार हैं। लेकिन निर्वाचन आयोग के वकीलों ने पेरोल का विरोध किया।खबरों की मानें तो मुख्तार अंसारी वही शख्स हैं जिनकी वजह से समाजवादी पार्टी में झगड़े की शुरुआत हुई। दरअसल शिवपाल यादव ने अंसारी बंधुओं अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का समाजवादी पार्टी में विलय करवाया था। अखिलेश के विरोध के बाद अंसारी बंधु समाजवादी पार्टी छोड़कर बीएसपी में शामिल हो गए।साल 2005 में बीजेपी के पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का केस मुख्तार अंसारी पर चल रहा है. इसी केस में सीबीआई की अदालत से उन्हें चुनाव में प्रचार करने के लिए 17 फरवरी से 4 मार्च तक परोल दी थी. लेकिन चुनाव आयोग परोल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया.
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