हजरत निजामुद्दीन दरगाह के सूफी मौलवी सैयद आसिफ अली निजामी और नाजिम अली निजामी सोमवार को पाकिस्तान से भारत लौट आए। लौटने के बाद नाजिम अली ने अपनी गिरफ्तारी के लिए पाकिस्तान के अखबार को जिम्मेदार ठहराया। उनहोंने उन दावों को खारिज किया है, जिसमें उनके ऊपर भारतीय खुफिया एजेंसी 'रिसर्च एंड एनालिसिस विंग' (रॉ) से संबंध होने के आरोप लगाए गए थे।
वहीं सुब्रमण्यम स्वामी ने 'स्वतंत्र सूचना' के आधार पर दावा किया है कि दोनों सूफी मौलवी देशहित के खिलाफ काम कर रहे हैं। स्वामी ने कहा कि वे सहानुभूति हासिल करने के लिए झूठ बोल रहे हैं। हमें स्वतंत्र सूत्रों से जानकारी मिली है कि दोनों भारत के खिलाफ काम कर रहे हैं।
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