ममता बनर्जी देशभर के मामलों में बयान देतीं हैं। लेकिन सीआरपीएफ मामले में चुप क्यों हैं। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस ने इस मामले में चुप्पी साधी है। कोलकाता क्राइम ब्रांच से आयी पुलिस इसे एक रंगदारी मामले में हुई गिरफ्तारी बता रही है। उनका कहना है कि 25 जनवरी को कोलकाता के लालबाग थाना में रंगदारी का एक मामला दर्ज हुआ था। जिसमे झारखंड के जोगबनी से धनजंय प्रधान की गिरफ्तारी हुई थी। उसी की निशानदेशी पर निशांत को पकड़ा गया है।
हालांकि दबी जुबान में सभी पुलिस अधिकारी इसे सीएम हाउस में फोन करने के मामले में ही गिरफ्तारी बता रहे हैं। लेकिन इस बाबत खुलकर बोलने को तैयार नहीं। इधर निशांत ने साफ शब्दों में कहा कि उसका रंगादारी से कोई मतलब नहीं है। उसने सीएम हाउस में फोन करने की बात स्वीकारी है। उसका कहना है कि कोलकाता सीएम हाउस में फोन करने से पहले उसने पीएम हाउस राष्ट्रपति बिहार के सीएम और यूपी के सीएम से भी बात करने की कोशिश की थी।
कोर्ट में पेश कर ले जाएगी पुलिसनिशांत को कोर्ट में पेश पर कोलकाता पुलिस उसे अपने साथ ले जाएगी। शुक्रवार की सुबह निशांत का जेपीएन अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया गया। इस संबंध में गया के सिटी एसपी अवकाश कुमार ने बताया कि कोलकाता से आयी पुलिस को सहयोग किया गया। रंगदारी के एक मामलें में इसकी खोज हो रही थी।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।