नीदरलैंड स्थित अंतरराष्ट्रीय कोर्ट का यह फैसला भारत और पूर्व नौसेना अफसर जाधव दोनों के लिए राहत की खबर है। कोर्ट ने कहा है कि पाकिस्तान इस मामले में उसका अंतिम फैसला आने तक कोई कदम न उठाए। उसने पाक सरकार से जाधव के मानवाधिकारों का सम्मान करने को कहा है।उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान सेना की अदालत ने गत 10 अप्रैल को जासूसी और आतंकवाद का आरोप लगाते हुए जाधव को फांसी की सजा सुनाई थी। इस पर भारत ने उसे आगाह किया था कि बिना किसी सुनवाई या बचाव का मौका दिए जाधव को फांसी की सजा देना सोची समझी हत्या जैसा होगा। सैन्य अदालत ने जाधव को सजा के खिलाफ अपील के लिए 60 दिन का मौका दिया था। भारत ने जाधव की ओर से अपील दायर करने और उससे संपर्क की मांग पाकिस्तान के समक्ष रखी, लेकिन पाकिस्तान ने इसे ठुकरा दिया था। उसका कहना है कि किसी जासूस को राजनियक संपर्क की इजाजत नहीं दी जा सकती।अंतरराष्ट्रीय कोर्ट का यह फैसला शरीफ सरकार और पाकिस्तान सेना के लिए झटका है,जो भारतीय अधिकारियों या जाधव के परिवार को उससे मिलने की इजाजत नहीं दे रहा है। पाक की सैन्य अदालत ने भारत को सूचना दिए बिना गोपनीय तरीके से जाधव के खिलाफ केस चलाया और सजा सुना दी। भारत शुरुआत से ही कहता रहा है कि पाक ने अंतराष्ट्रीय कानूनों को परे रखकर जाधव को सजा सुनाई है, उसे बचाव का कोई मौका नहीं दिया गया। भारत ने 15 बार जाधव से मिलने की इजाजत पाक से मांगी, लेकिन हर बार इसे खारिज कर दिया गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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