यहां आने के बाद भी पीड़ित पक्ष कमजोरनहीं पड़ा और तारीखों पर आते हुए मामले को मुकाम तक ले गए ।गवाहों के बयान और साक्ष्यों को देखते हुए कोर्ट ने गुरुवार कोहत्या और एक्सप्लोसिव एक्ट में उन्हे दोषी पाया । तीनो भाइयों कोइसी के साथ हिरासत में लेकर जेपी कारा भेज दिया गया, जबकिएक आरोपी केदारनाथ सिंह को संदेह का लाभ देते हुए रिहा करदिया गया ।एडीजे 9 सुरेन्द्र शर्मा ने मामले को सजा के बिंदु पर रखदिया है । 23 मई को अब इसमें सजा सुनाई जाएगी।
प्रभुनाथ सिंह की पहचान बिहार के दबंग नेताओं में होती है। अभी वह लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े हैं। इससे पहले जदयू में थे। वर्ष 2004 में जदयू के टिकट पर ही महाराजगंज संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2012 में जदयू छोड़कर राजद में शामिल हो गए। वर्ष 2013 में महाराजगंज लोकसभा उपचुनाव में एक बार फिर सीट हासिल करके संसद पहुंचे थे।
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